जीवन के लम्हों में ये पन्ने आपके साथी हैं,
थोड़ा थमकर मिल लीजिये
इस साथी से थोड़ी गुफ्तुगू अभी बाकी है।।
- हुमा फरहत खान
कहीं बचपन की बातें, तो कहीं जिंदगी के हाल , कहीं प्रेम का विचार, तो कहीं शिष्टाचार।। " अल्फ़ाज़ों की कशिश " ऐसे ही विषयों की कविताओं से भरी हुई किताब है। अपने नज़रिये से दुनिया, प्रेम, माता पिता, और कई अन्य विषयों पर विचार रखने की एक छोटी सी पहल है।। आशा करती हूँ की ये किताब आप सभी के मन को भाएगी।।
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Specifications
Book Details
Publication Year
2022 JULY
Number of Pages
31
Contributors
Author Info
हुमा मध्य प्रदेश के गुना जिले में पली बढ़ी हैं। मन से शांत स्वाभाव रखने वाली हुमा कम शब्दों में अपनी बात रखने में विश्वास रखती हैं। हुमा विज्ञान की छात्रा हैं, पढाई में होनहार होने के साथ साथ, बचपन से ही कविता, शायरी और संगीत में अपनी रुचि रखती हैं। इन्होने लेखन में अपनी कला कुछ समय पहले ही आजमाना शुरू की, " अल्फ़ाज़ों की कशिश " इनकी पहली पुस्तक है जो विभिन विषयों की कविताओं पर आधारित है। इनकी और कलाकृतियों को पढ़ने के लिए आप इन्हे फॉलो कर सकते है इंस्टाग्राम पर @jazzzbaatikalam .
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8
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