द चैंट ऑफ 'Azadi!' - उर्दू फॉर 'Freedom'-इज़ द स्लोगन ऑफ द फ्रीडम स्ट्रगल इन कश्मीर अगेंस्ट व्हाट द कश्मीरीज सी एज़ द इंडियन ऑक्युपेशन. आईरॉनिकली, इट ऑल्सो बेकेम द चैंट ऑफ मिलियंस ऑन द स्ट्रीट्स ऑफ इंडिया अगेंस्ट द प्रोजेक्ट ऑफ हिन्दू नेशनलिज़्म.
इवन एज़ अरुंधती रॉय बिगैन टू आस्क व्हाट ले बिटवीन दीज टू कॉल्स फॉर फ्रीडम-ए कैस्म ऑर ए ब्रिज?-द स्ट्रीट्स फेल साइलेंट. नॉट ओनली इन इंडिया बट ऑल ओवर द वर्ल्ड. कोविड-19 ब्रॉट विथ इट अनदर, मोर टेरिबल, अंडरस्टैंडिंग ऑफ आज़ादी, मेकिंग ए नॉनसेंस ऑफ इंटरनेशनल बॉर्डर्स, इंकार्सेरेटिंग होल पॉप्युलेशंस, एंड ब्रिंगिंग द मॉडर्न वर्ल्ड टू ए हॉल्ट लाइक नथिंग एल्स एवर कुड.
इन दिस सीरीज़ ऑफ इलेक्ट्रिफाइंग एस्सेज़, अरुंधती रॉय चैलेंजेस अस टू रिफ्लेक्ट ऑन द मीनिंग ऑफ फ्रीडम इन ए वर्ल्ड ऑफ ग्रोइंग authoritarianism.
द एस्सेज़ इन्क्लूड मेडिटेशन्स ऑन लैंग्वेज, पब्लिक एज़ वेल एज़ प्राइवेट, एंड ऑन द रोल ऑफ फिक्शन एंड अल्टर्नेटिव इमैजिनेशंस इन दीज डिस्टर्बिंग टाइम्स. द पैनडेमिक, रॉय सेज़, इज़ ए पोर्टल बिटवीन वन वर्ल्ड एंड अनदर. फॉर ऑल द इलनेस एंड डेवासटेशन इट हैज़ लेफ्ट इन इट्स वेक, इट इज़ एन इनविटेशन टू द ह्यूमन रेस, एन अपॉर्चुनिटी, टू इमेजिन अनदर वर्ल्ड.